Yaadon Ki Baraat

पद्मा भूषण "जोश मलीहाबादी" हिंदुस्तान के मशहूर तरीन शायरों में से एक हैं। उनकी लिखी एक लाख से ऊपर ग़ज़लें, शेर और रुबाइयाँ Classic उर्दू Literature में गिनी जाती हैं। जोश को अपनी विरासत, लोक संस्कृति, और अपने वतन से बेपनाह इश्क़ था और इन सब का रस उनके Poetic Prose में भरपूर मिलता है। इसीलिए उनकी Autobiography "यादों की बरात " में एक तरफ़ इश्क़िया अंग है तो दूसरी तरफ़ इंक़लाबियत का जज़्बा। यहाँ इंसान दोस्ती है तो वहां हुस्न परस्ती, यारों की बदमाशियां भी हैं और त्योहारों की रंगीनियां भी। "यादों की बरात" में जोश मलीहाबादी की चुनिंदा ग़ज़लें और जादुई लेखन के बाकमाल नमूने पेश कर रहे हैं सलीमा रज़ा और अरशद इक़बाल । Padma Bhushan “Josh Malihabadi”, an iconic, Urdu poet, has left behind a legacy of over one lac ghazals, sher and rubais. His undisputed mastery of poetic prose in his autobiography "Yaadon Ki Baraat" is highly acknowledged. Josh was a man of many parts. He captured the essence of life in totality, writing with exquisite imagery about his passions and sexuality, his commitments to his country and its culture and his revolutionary zest. "Yaadon Ki Baraat" is a presentation of selected poetry and prose from Josh Malihabadi 's autobiography, presented by Salima Raza & Arshad Eqbal Tickets at Rs.200, 350 and 500 available on bookmyshow.com & at the Programmes Desk, Habitat World, IHC.

Date 7/14/2019 Time 19:00 Venue Stein Auditorium, India Habitat Centre, New Delhi Directed Salima Raza

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